पसान वन परिक्षेत्र में ‘शिकार-सेटिंग’ का खेल? वायरल वीडियो ने मचाया बवाल, डिप्टी रेंजर के कथित खुलासे से वन विभाग कटघरे में!
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र में सामने आए जंगली सुअर शिकार मामले ने अब नया और विस्फोटक मोड़ ले लिया है। एक कथित वायरल वीडियो ने पूरे वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में डिप्टी रेंजर लैंगा उषा सोनवानी कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि शिकारियों से वन विभाग के एक कर्मचारी द्वारा पैसों का लेन-देन किया गया था। वीडियो के सामने आते ही विभागीय कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
शिकारियों से सौदेबाजी हुई तो कार्रवाई क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिकारियों से पैसे लेने की बात सही है, तो संबंधित वन रक्षक पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर किसके संरक्षण में आरोपी कर्मचारी आज भी उसी बीट में पदस्थ है? क्या विभाग के भीतर किसी बड़े संरक्षण के कारण पूरे मामले को दबाया गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में सामने आ रही बातें सही हैं, तो यह केवल शिकार का मामला नहीं बल्कि वन विभाग की विश्वसनीयता और जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल है।
जंगली सुअर का शिकार और फिर ‘फाइल बंद’ करने की कोशिश?
जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले पसान रेंज में जंगली सुअर के शिकार का मामला सामने आया था। उस समय विभाग ने कार्रवाई का दावा तो किया, लेकिन अब वायरल वीडियो ने उन दावों की पोल खोल दी है। चर्चा है कि मामले को दबाने और जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया गया, जिससे आज तक किसी बड़े अधिकारी या कर्मचारी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
वन्यजीवों की सुरक्षा भगवान भरोसे?
क्षेत्र के लोगों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा जिन कर्मचारियों के भरोसे है, यदि वही शिकारियों से कथित लेन-देन में शामिल पाए जाएं, तो वन्यजीव संरक्षण कानूनों का क्या होगा? क्या शिकारियों को संरक्षण देने का खेल लंबे समय से चल रहा है?
वायरल वीडियो पर विभाग की चुप्पी और बढ़ा रही संदेह
वीडियो वायरल होने के बाद भी वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। विभाग की यह खामोशी अब लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर विभाग जांच से क्यों बच रहा है? क्या सच सामने आने का डर है या फिर किसी बड़े खुलासे को दबाने की कोशिश?
जनता पूछ रही है जवाब…
• शिकारियों से पैसे लेने वाला कर्मचारी कौन है?
• उस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
• क्या विभाग के भीतर संरक्षण का खेल चल रहा है?
• वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कब होगी?
• दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
अब निगाहें वन विभाग और उच्च अधिकारियों पर
पसान शिकार कांड का यह कथित वायरल वीडियो अब पूरे कटघोरा वनमंडल में चर्चा का विषय बन चुका है। जनता और वन्यजीव प्रेमी मांग कर रहे हैं कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
(महत्वपूर्ण: यह समाचार वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


