Loading Now

“हक नहीं तो उत्पादन नहीं” — भूविस्थापित किसानों का TMC कंपनी पर दबाव, 25 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का ऐलान

कोरबा। कोयलाधानी भूविस्थापित किसान संघ (KBKS) ने कोरबा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सिंघाली कोयला खदान से प्रभावित किसानों और भूविस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर 25 जून 2026 से टी.एम.सी कार्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन काला गेट बंदी एवं धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस संबंध में संघ द्वारा एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की सूचना दी गई है।

संघ के अध्यक्ष गजेंद्रपाल सिंह तंवर के नेतृत्व में सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि टी.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित सिंघाली खदान परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का अब तक समाधान नहीं किया गया है। इसी को लेकर भूविस्थापितों और किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

प्रमुख मांगें:
भेजीनारा और लालपुर क्षेत्र में अधिग्रहित भूमि के बदले प्रभावित 275 लोगों को दिए गए रोजगार एवं मुआवजे की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को सुचारू एवं व्यवस्थित किया जाए।

ग्रामीणों द्वारा उपयोग किए जाने वाले तालाब को पाटने के मामले की जांच कर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

ग्राम लालपुर और भेजीनारा में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय भूविस्थापितों को टी.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड में वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।

किसानों की जमीन पर कथित रूप से जबरन कब्जा कर सड़क निर्माण किए जाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 25 जून से टी.एम.सी कार्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन काला गेट बंदी और धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी और प्रशासन की होगी।

इस आंदोलन की घोषणा के बाद कोरबा क्षेत्र के औद्योगिक एवं खनन क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें टी.एम.सी प्रबंधन और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।